ga('send', 'pageview');
was successfully added to your cart.

Cart

Hindi Astrology

मंगलवार व्रत से कैसे मिलती है, पद-प्रतिष्ठा, मान-सम्मान और असीमित धन-दौलत?

By September 24, 2019 No Comments

मंगलवार व्रत बहुत ही मंगलकारी व्रत है, इस व्रत में राम भक्त हनुमान जी की आराधना और उनकी पूजाअर्चना की जाती है मंगल के व्रत से हनुमान जी की विशेष कृपा प्राप्त होती है। यह व्रत सम्मान, बल, साहस और पुरुषार्थ को बढ़ाता है। संतान प्राप्ति के लिए भी है व्रत बहुत फलदायक है। इस व्रत से पापो से मुक्ति प्राप्त होती है। कहा जाता है कि दूसरी दुनिया से जुड़ी काली शक्तियों का दुष्प्रभाव भी इस व्रत करने वाले पर कोई असर नहीं डालता। हनुमान जी की साधना बहुत ही सरल और आसान है, कोई भी भक्त इस बहुत ही आसानी के साथ कर सकता है और हनुमान जी की कृपा के पात्र बन सकता है। ज्योतिष के अनुसार मंगलवार का व्रत उन्हें भी रखना चाहिए जिनकी कुंडली में मंगल ग्रह भारी हो या फिर जीवन में कोई भी शुभ काम ना हो रहा हो। ऐसे में अपने जीवन में खुशियां लाने और कार्यों को शुभ बनाने के लिए इस दिन व्रत किया जाता है मंगलवार व्रत के लिए भी कुछ विधि, नियम और महत्व है जिनका सही तरीके से पालन करने पर हनुमान जी की हमेशा कृपा बनी रहती है और जीवन के सारे कार्य बहुत ही आसानी से होते चले जाते है।   

मंगलवार व्रत की पूजा विधि, नियम और महत्व

विधिमंगलवार व्रत को प्रारंभ करने के लिए किसी भी हिन्दु माह की शुक्ल पक्ष की तिथि में पडने वाले मंगलवार से किया जा सकता है ।यह व्रत लगातार 21 मंगलवार तक किया जाना चाहिए। व्रत वाले दिन सूर्योदय से पूर्व नित्य कर्म से निपूर्ण होकर नहा ले। मंगलवार व्रत कथा पढ़ें फिर उसके बाद हनुमान चालीसा का पाठ करें। सभी को व्रत का प्रसाद बांटकर स्वयं प्रसाद ग्रहण किया जाता है। पूरे दिन में सिर्फ एक बार भोजन करें। अपने आचार विचार पूरे दिन शुद्ध रखे और रात्रि में सोने से पहले फिर एक बार हनुमानजी की पूजा करे।

नियम  मंगलवार व्रत में कुछ नियमों का पालन करना बहुत ही आवश्यक होता है, तभी आपको इस व्रत का पूर्ण लाभ प्राप्त हो पाता है। इस दिन व्रती को ब्रह्मचर्य का पूरा पालन करना चाहिए और साथ ही मंगलवार के व्रत के दिन सात्विक विचार का रहना आवश्यक है। मंगलवार के इक्कीस व्रत करने के बाद मनोकामना पूर्ति करने के लिये मंगलवार व्रत का उद्धापन किया जाता है। उद्ध्यापन करने के बाद इक्कीस ब्रहामणों को भोजन कराकर यथाशक्ति के अनुसार दानदक्षिणा दी जाती है। मंगलवार व्रत को नियमित जारी रखना चाहिए जब तक की आपके संकल्प के अनुसार पूर्ण हो जाये परंतु अगर बीच में कोई बाधा या विपरीत परिस्थिति या किसी कारण आप व्रत नही रह पाते है तो तो घर का कोई सदस्य मंगलवार व्रत रह सकता है। इस व्रत में एक बार भोजन लें और वो भी सूर्य अस्त के 2-3 घंटे पहले अगर संभव हो तो भोजन में नमक शामिल करें।

 

महत्व मंगलवार व्रत का महात्म बहुत ही पूण्यदायी और कल्याणकारी है, इसके व्रत से जीवन की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है और सम्मान, बल, पुरुषार्थ और साहस में बढोतरी होती है। इस व्रत के करने से जीवन में भय का नाम मात्र भी शेष नही रह जाता है क्योंकि हनुमान जी को भय मुक्ति के देवता भी कहा जाता है जीवन में किसी भी प्रकार का भय हो तो आप नियमित 11 पाठ हनुमीन चालीसा करें और देखें की भय जाने आपसे कितनी दूर चला कि फिर आपको कभी महसूस ही नही होगा यह व्रत उपवासक को राजकीय पद भी देता है सम्मान और संतान की प्राप्ति के लिये मंगलवार का व्रत किया जाता है इस व्रत की कथा का श्रवण करने से भी मंगल कामनाएं पूरी होने की संभावनाएं बन रही है इस व्रत को करने से सभी पापों की मुक्ति होती है    

Leave a Reply

WhatsApp chat